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बुधवार, 30 जुलाई 2014

गर्व है यदुकुल की बेटी पूनम यादव पर


2014  के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में, पूनम यादव ने पदक जीत कर  अपने परिवार सहित देश और यादव समाज का नाम रोशन किया है। पूनम की इस उपलब्धि का समाचार मिलते ही देश-वासियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई।    यदुकुल की इस बेटी पर  देशवासियों को गर्व है।

 गौरतलब है की  पूनम यादव ने ग्लासगो में चल रहे 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में 63 किलोग्राम भारवर्ग की महिला वेट-लिफ्टिंग परियोगिता में  202 किलोग्राम भार उठा कर कांस्य पदक प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की। कहा जाता है कि आर्थिक अभावों के चलते आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध न होने बावजूद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और पदक दिलाकर भारत की मेडल-सूची को अलंकृत करने में सफल रही। 

पूनम का जन्म वाराणसी के एक यादव परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम कैलाश यादव है। उनकी  चार बहिनें और दो भाई है। कहा जाता है कि पूनम की  सफलता के पीछे उसके अपने परिश्रम और हौंसले के साथ   उनके परिवार वालों का भी योगदान कम नहीं है। वे अपना तन पेट काट कर इस होनहार बेटी को सफल बनाने में हमेशा हर सम्भव प्रयास करते रहे। 

शानदार सफलता के लिए पूनम यादव और उनके परिवार वालों  को ढेर सारी हार्दिक शुभ कामनाए। आप इसी तरह उपलब्धिया सदैव अर्जित करते रहें और सदा सफलता के शिखर पर विराजमान रहें।


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वर्णयामि महापुण्यं सर्वपापहरं नृणां ।
यदोर्वन्शं नरः श्रुत्त्वा सर्वपापैः प्रमुच्यते।i
यत्र-अवतीर्णो भग्वान् परमात्मा नराकृतिः।
यदोसह्त्रोजित्क्रोष्टा नलो रिपुरिति श्रुताः।।
(श्रीमदभागवद्महापुराण)


अर्थ:

यदु वंश परम पवित्र वंश है. यह मनुष्य के समस्त पापों को नष्ट करने वाला है. इस वंश में स्वयम भगवान परब्रह्म ने मनुष्य के रूप में अवतार लिया था जिन्हें श्रीकृष्ण कहते है. जो मनुष्य यदुवंश का श्रवण करेगा वह समस्त पापों से मुक्त हो जाएगा.